(N/A) हाइपरकंजुगेशन में असंतृप्त प्रणाली (जैसे एल्कीन या कार्बोनियम आयन) से सीधे जुड़े एल्काइल समूह के $C-H$ बंध के $\sigma$ इलेक्ट्रॉनों का विस्थानीकरण शामिल है।
$(a) \ CH_3-CH=CH_2$: $C-H$ बंध के $\sigma$ इलेक्ट्रॉन $C=C$ द्विबंध बनाने के लिए स्थानांतरित होते हैं और मूल $C=C$ बंध के $\pi$ इलेक्ट्रॉन टर्मिनल कार्बन पर चले जाते हैं।
$(b) \ CH_3-CH_2^+$: $C-H$ बंध के $\sigma$ इलेक्ट्रॉन $C=C$ द्विबंध बनाने के लिए स्थानांतरित होते हैं,जिससे हाइड्रोजन $H^+$ के रूप में मुक्त होता है।
$(c) \ CH_3-CH_2-CH_2^+$: $\alpha$-कार्बन वह है जो धनावेशित कार्बन के बगल में है। $\alpha$-कार्बन पर $C-H$ बंध के $\sigma$ इलेक्ट्रॉन $C=C$ द्विबंध बनाने के लिए स्थानांतरित होते हैं।